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गुजरात के आठ लाख किसानों को सहायता पैकेज से मिलेगा लाभ

गांधीनगर, 28 अक्टूबर : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के आठ लाख से अधिक किसान खातेदारों के व्यापक हित में महत्वपूर्ण निर्णय करते हुए 630.14 करोड़ रुपए की राशि का सहायता पैकेज घोषित किया है।

कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने शुक्रवार को राज्य सरकार द्वारा घोषित इस सहायता पैकेज की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस सहायता पैकेज के अंतर्गत यह निर्धारित किया गया है कि जिन किसानों की फ़सलों को 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुक़सान हुआ है उन्हें केले की फ़सल के अलावा अन्य कृषि फ़सलों के लिए एसडीआरएफ तथा राज्य के बजट से प्रति हेक्टेयर 6800 रुपए सहायता राशि अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा के भीतर प्रदान की जाएगी जबकि इस पैकेज के तहत केले की फ़सल को हुए नुक़सान के लिए अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा के भीतर प्रति हेक्टेयर कुल 30,000 रुपए की सहायता (एसडीआरएफ बजट से 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर तथा इसके अलावा स्टेट बजट से 16500 रुपए प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता) इस पैकेज में प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में भूमिधारक के आधार पर एसडीआरएफ मानदंडों के अनुसार देय सहायता राशि चार हज़ार रुपए से कम होती है तो इन मामलों में भी कम से कम चार हज़ार रुपए की सहायता राशि देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। ऐसे मामलों में एसडीआरएफ से उपलब्ध सहायता के अतिरिक्त देय सहायता राशि का भुगतान राज्य के बजट से किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को इस पैकेज का लाभ तुरंत और अविलम्ब मुहैया कराने तथा समग्र कार्यवाही ऑनलाइन करने हेतु सरकार द्वारा डिजिटल गुजरात माध्यम पर कृषि राहत पैकेज पोर्टल शुरू करने तथा इसके लिए किसानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ निकटस्थ ई-ग्राम केन्द्र पर ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था की गई है।
पैकेज का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को निर्धारित आवेदन पत्र में ग्राम नमूना संख्या 8-ए, पटवारी बुवाई प्रमाणपत्र / ग्राम नमूना संख्या 7-12, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, अकाउंट नंबर, इाईएफएससी कोड तथा नाम को दर्शाने वाली बैंक पासबुक के काग़ज़ों की प्रति तथा संयुक्त खाते के मामले में संयुक्त खाताधारकों में से किसी एक के लाभ के लिए अन्य धारक द्वारा हस्ताक्षरित अनापत्ति पत्र आदि साहित्यिक विवरण के साथ तहसील विकास अधिकारी को निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करवाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को आवेदन के लिए किसी शुल्क का भुगतान या ख़र्च नहीं करना होगा। इसका समस्त ख़र्च राज्य सरकार उठाएगी।
राज्य में वर्ष 2022 की ख़रीफ़ ऋतु में भारी वर्षा के कारण किसानों की फ़सल को हुए नुक़सान में सहायक होने के उदार दृष्टिकोण से यह सहायता पैकेज घोषित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भारी वर्षा के कारण 14 ज़िलों में खेतों में पानी भर जाने के कारण फ़सलों को व्यापक नुक़सान हुआ था। राज्य सरकार को छोटा उदेपुर, नर्मदा, पंचमहाल, नवसारी, वलसाड, डांग, तापी, सूरत, कच्छ, जूनागढ, मोरबी, पोरबंदर, आणंद, खेडा ज़िलों की कुल 50 तहसीलों के 2554 गाँवों में फ़सल नुक़सान संबंधी रिपोर्ट्स सम्बद्ध ज़िला प्रशासन के माध्यम से मिली थी।

मुख्यमंत्री ने इन रिपोर्ट्स का व्यापक आकलन किया तथा किसानों, किसान संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग-प्रस्तुतियों के संदर्भ संवेदनापूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए 630.34 करोड़ रुपए की राशि के यह सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस सहायता पैकेज का राज्य में लगभग 9.12 लाख हेक्टेयर भूमि क्षेत्र में आठ लाख से अधिक किसानों को लाभ
मिलेगा।

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