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भाजपा ने आप विधायकों को तोड़ने के लिए धन की पेशकश की: आप

नयी दिल्ली, 24 अगस्त : आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए आप के चार विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये देने की पेशकश की है।

राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि विधायकों को भाजपा में शामिल नहीं होने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की भी धमकी दी गई थी।

श्री सिंह ने कहा कि श्री अजय दत्त, श्री संजीव झा, श्री सोमनाथ भारती और श्री कुलदीप से भाजपा नेताओं ने संपर्क किया था।

श्री सिंह ने कहा, “ उन्होंने उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को धमकाने की कोशिश की और अब दिल्ली के विधायकों पर भी यही पैंतरा अपना रहे है। वे विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें जांच के दायरे में लाकर एजेंसियों द्वारा जांच की धमकी दी जा रही है। ”

संवाददाता सम्मेलन के दौरान आप के चारों विधायक मौजूद थे, जिन्हें भाजपा के शामिल होने के लिए पेशकश की गयी थी।

श्री सिंह ने कहा, “ भाजपा के उनके मित्र नेता ने पार्टी में शामिल होने के लिए 20 करोड़ रुपये की पेशकश की और यह भी कहा कि अगर वे भाजपा में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी जांच शुरू की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “ भाजपा का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर प्रयोग सफल होने के बाद अब सिसोदिया और हमारे विधायकों पर उनका प्रयोग विफल रहा। ”

उन्होंने कहा, “ भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि आप पार्टी छोड़ते हैं तो आपको 20 करोड़ रुपये मिलेंगे, यदि आप और विधायकों को तोड़ते हैं तो 25 करोड़ रुपये मिलेंगे। वे यह भी दावा कर रहे हैं कि 20-25 विधायक उनके संपर्क में हैं। ”

इस बीच, श्री सिसोदिया ने ट्वीट किया कि उनके पार्टी न छोड़ने के बाद अब भाजपा आप विधायकों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, “ अरविंद केजरीवाल शहीद भगत सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। वह अपनी जान दे देंगे लेकिन उन्हें धोखा नहीं देंगे। आपकी सीबीआई और ईडी का भय बेकार हैं।”

इस सप्ताह की शुरुआत में श्री सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि उन्हें भाजपा से संदेश मिला है कि यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ सभी मामले बंद कर दिए जाएंगे।

दिल्ली की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में श्री सिसोदिया पर 19 अगस्त को सीबीआई ने छापा मारा था।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस ले लिया है।

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