राजस्थान

भू-जल संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण का शीघ्र होगा गठन -जोशी

जयपुर, 15 फरवरी : राजस्थान के भू-जल मंत्री डॉ. महेश जोशी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में भू-जल दोहन के नियन्त्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही राज्य भू-जल संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।

डॉ.जोशी प्रश्नकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में भू-जल दोहन की स्थिति चिन्ताजनक है तथा राज्य में 151 प्रतिशत दोहन हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर इस संबंध में प्राधिकरण बनाने के लिए ड्राफ्ट विधि विभाग तथा वित्त विभाग को भेजा गया था तथा हाल में वहां से प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण भी किया जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरुकर दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भू-जल दोहन के संबंध में कोई भी निर्णय राज्य सरकार केन्द्रीय भू-जल प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के आधार पर ही करती है। इससे पहले उन्होंने श्री राठौड़ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि नीतिगत निर्णय की पालना में राज्य भू-जल विभाग प्रतिवर्ष नियमित रूप से सर्वे करता है तथा एक नियमित अंतराल के पश्चात राज्य के भू-जल संसाधनों का आंकलन किया जाता है।

डॉ.जोशी ने बताया कि वर्तमान में भू-जल आंकलन की नवीनतम रिपोर्ट गत 31 मार्च के अनुसार राज्य के 295 ब्लॉक एवं सात शहरी क्षेत्रों में से 219 ब्लॉक को अतिदोहित श्रेणी, 22 संवेदनशील, 20 अर्द्धसंवेदनशील, 38 सुरक्षित में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि शेष तीन ब्लॉक में भू-जल लवणीय होने के कारण रिपोर्ट में इनका भू-जल आंकलन नहीं किया गया है। उन्होंने सात शहरी क्षेत्र मे सम्मिलित- अजमेर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, कोटा, उदयपुर एवं बीकानेर का विवरण भी सदन के पटल पर रखा।

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