राजस्थान

योग आत्म विकास का सबसे बड़ा माध्यम-मिश्र

जयपुर, 02 मई : राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने योग को कोई थेरेपी भर नहीं है बल्कि आत्म विकास का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा है कि मानसिक शांति एवं संतोष के लिए योग सर्वथा उपयोगी है।

श्री मिश्र मंगलवार को यहां सीकर रोड़ स्थित श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति में केन्द्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘योग महोत्सव- 2023’ कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि यौगिक दिनचर्या से जुड़कर जीवन की जटिलताओं को आसानी से हल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में योग को स्वस्थ जीवन की कला और विज्ञान कहा गया है। योग को हमारे यहां शुरू से ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ जीवन के एक आदर्श तरीके के रूप में स्वीकार किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि योग का अभ्यास यदि नियमित रूप से किया जाए तो तन ही नहीं मन भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सुखी और खुशहाल जीवन के लिए योग से जुड़ी ये गतिविधियां इस मायने में भी उपयोगी हैं कि ये सकारात्मक जीवन को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि योग ने कोविड के दौर में लोगों को सकारात्मक रखने में अहम भूमिका निभाई है ।

श्री मिश्र ने कहा कि भारत की इस महान परंपरा को विश्व के लिए उपयोगी मानते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो हमारी परंपरा और संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का आदर्श तरीका है, जिसमें मन न केवल अपने लिए बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के विचार से जुड़ा होता है।

राज्यपाल ने योग महोत्सव में भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम सहित विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास भी किया।

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने कहा कि योग को विज्ञान की पद्धति मानकर आज दुनिया भर में अपनाया जा रहा है। देश के गांव-गांव तक योग की संस्कृति का प्रसार करने के लिए संकल्पित होकर कार्य किया जा रहा है। देश एवं दुनिया में प्रति वर्ष मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए इस बार काउंट डाउन की श्रृंखला में जयपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में योग का पुराना साम्य रहा है। योग हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बने, इसके लिए देश में अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं।

केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री महेन्द्र मुंजपारा, केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी एवं सांसद तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद थे।

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