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इजरायल अब शांति प्रक्रिया में फिलिस्तीन का भागीदार नहीं : अब्बास

संयुक्त राष्ट्र 24 सितंबर : फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि इजरायल ने शांति प्रक्रिया में फिलीस्तीन का भागीदार नहीं बनने का फैसला किया है और उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा।

श्री अब्बास ने कहा कि फिलिस्तीन देश अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होने के लिए भी परिग्रहण प्रक्रिया शुरू करेगा।

श्री अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अरब शांति पहल के अनुरूप, क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता प्राप्त करने के लिए फिलिस्तीन की भूमि पर कब्जे को समाप्त करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय योजना के बारे में विस्तार से बताने का भी आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में अपने शुक्रवार के भाषण में श्री अब्बास ने कहा, “यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय वैधता के प्रस्तावों की अनदेखी कर रहे इजरायल ने शांति प्रक्रिया में हमारा भागीदार नहीं बनने का फैसला किया है।”

इजरायल ने ओस्लो समझौते को कमजोर कर दिया है जिसपर उसने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (पीलओ) के साथ हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी सोची समझी नीतियों के माध्यम से दो देशीय समाधान को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि

यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि इजरायल शांति में विश्वास नहीं करता है। यह बल और आक्रामकता से यथास्थिति लागू करने में विश्वास करता है।

श्री अब्बास ने कहा,“इसलिए, हमारे पास अब कोई इजरायली साथी नहीं है जिससे हम बात कर सकें। इस प्रकार इजरायल हमारे साथ अपने अनुबंधात्मक संबंध को समाप्त कर रहा है।”

उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन 1993 में इजरायल के साथ हुए समझौतों का सम्मान करने वाला एकमात्र पक्ष बने रहना स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने कहा कि इजरायल के लगातार उल्लंघन के कारण वे समझौते अब मान्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा,“इसलिए यह हमारा अधिकार है, बल्कि, हमारा दायित्व है कि हम अन्य साधनों की तलाश करें, अपने अधिकारों को पुनः प्राप्त करें और न्याय पर निर्मित शांति प्राप्त करें, जिसमें हमारे नेतृत्व, विशेष रूप से हमारी संसद द्वारा अपनाए गए प्रस्तावों को लागू करना शामिल है।”

उन्होंने कहा, “फिलिस्तीन शांति की ओर देख रहा है। आइए हम अपनी पीढ़ी और क्षेत्र के सभी लोगों के लाभ के लिए इस शांति को सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में रहने के वास्ते बनाएं।”

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