गोवा उपभोक्ता आयोग ने ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ वारंट जारी किया

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प्रीतेश चंद्रकांत घड़ी की स्कूटर शिकायत पर दक्षिण गोवा उपभोक्ता आयोग के समक्ष पेश होने में विफल रहने के बाद भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।

ओला इलेक्ट्रिक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भाविश अग्रवाल। (पीटीआई फोटो)
स्कूटर के ठिकाने के संबंध में एक शिकायत के संबंध में दक्षिण गोवा में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद ओला इलेक्ट्रिक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
प्रीतेश चंद्रकांत घड़ी द्वारा दायर की गई शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने अगस्त 2023 में 1.47 लाख रुपये में ओला एस1 प्रो सेकेंड जेन स्कूटर खरीदा था। हालाँकि, वाहन की मोटर ने खरीदारी के तुरंत बाद शोर करना शुरू कर दिया। स्कूटर की टचस्क्रीन में भी समस्या थी।
घड़ी ने कहा कि उन्होंने अपना दोपहिया वाहन मरम्मत के लिए गोवा के वास्को में एक ओला इलेक्ट्रिक डीलर को दिया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
इसके बाद उन्होंने ओला से शिकायत की लेकिन कंपनी से उन्हें न तो बाइक मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला।
जिला उपभोक्ता आयोग ने 28 जनवरी को एक नोटिस जारी कर ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाविश अग्रवाल को 4 फरवरी को सुबह 10:30 बजे पेश होने को कहा था।
आयोग ने अब कथित तौर पर पुलिस को निर्देश दिया है कि गिरफ्तार होने पर भावीश अग्रवाल को 23 फरवरी को सुबह 10:30 बजे आयोग के सामने पेश किया जाए। चूंकि यह एक जमानती वारंट है, इसलिए भाविश को 1.47 लाख रुपये के बांड और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जा सकता है।
एनडीटीवी के मुताबिक, वारंट भारतीय सिविल सेवा संहिता 2023 (बीएनएसएस 2023) की धारा 73 के तहत जारी किया गया है, जो पहले आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 71 के बराबर थी।
गोवा, भारत, भारत
17 फरवरी, 2026, 21:31 IST
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